DESCRIPTION:- सभी रागनी प्रेमिये को ललित जांगड़ा की तरफ से राम राम , हमारी संस्कृति को कायम रखने में एक छोटा सा सहयोग कर रहा हु , जो हमारे महा कलाकारों की लिखी हुई गयी हुई रागनी, भजन , सांग और अन्य अस्त लिखी कवियों की कलम दवारा पिरोये हुवे छंद आपके सामने ला रहा हु , जो आपको और हमारे कलाकारों का सहयोग करेंगी , आप सब का तह दिल से धन्यवाद्

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बेटे आला किला टुटग्या, टुटी पड़ी किवाड़ी रहगी / चीर नै लेके हरिश्चन्द्र चाल्या राणी नग्न उघाडी रहगी

बेटे आला किला टुटग्या, टुटी पड़ी किवाड़ी रहगी
चीर नै लेके हरिश्चन्द्र चाल्या राणी नग्न उघाडी रहगी

राजी भी चुप होगी ना बोली मर्ज के तै दवा लगे ना गोली
मेरेलेखे जग परलो सी होली, जै सांप की बात बिगाडी रहगी.........

७ राणी धोरे तै चलती वरिया, ढह पड़ा होता चलती बरिया
बेसक लिकडियो जलती बरिया, पेड़ में गढी कुल्हाड़ी रहगी.......

रोवण लाग्या कूट-२ के, फिकर नै खालिया गात चूट के
आवण लाग्या सांस छुटके, ठीक चालती नाड़ी रहगी .........

जख्मी चन्द्र क्यों गया दुख मान, फर्क पड़ज्या कदे मेरी श्यान में
झाल डाटली ज्ञान ध्यान में, बन्द की बन्द जबाड़ी रहगी........

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सभी रागनी प्रेमिये को ललित जांगड़ा की तरफ से राम राम , हम हरियाणा वासी है और हमारी संस्कृति एक स्यान है, और मुझे गर्व है की में हरियाणा की पवन संस्कति में पला बड़ा हु , मेरी संगीत कला में बहुत बहुत रूचि है में एक अच्छा बैंजो प्लेयर भी हु हिसार जिले में थुराणा गॉव का रहने वाला हु ,

हमारी संस्कृति को कायम रखने में एक छोटा सा सहयोग कर रहा हु , जो हमारे महा कलाकारों की लिखी हुई गयी हुई रागनी, भजन , सांग और अन्य अस्त लिखी कवियों की कलम दवारा पिरोये हुवे छंद आपके सामने ला रहा हु , जो आपको और हमारे कलाकारों का सहयोग करेंगी ,


में २००५ से ब्लॉग्गिंग के बारे में पड़ता आ रहा था , पड़ते पड़ते मुझको भी इस फिल्ड में इंट्रेस्ट आने लगा ऐसे ऐसे होता रहा और में ब्लॉग्गिंग की दुनिआ में उतर पड़ा और देखते ही देखते ऐसी लत लग गई की इसके बिना मुझे नींद तक नहीं आती ये सब आप लोगो का प्यार है जो मुझे यहाँ तक खींच लाया |

आप सब का तह दिल से धन्यवाद्